10.5.24

रेल मदद - दिल्ली - मेरठ -मुजफ्फरनगर तक लोकल ट्रेन

 दिल्ली - मेरठ -मुजफ्फरनगर तक लोकल ट्रेन  

दिल्ली -मेरठ -मुजफ्फरनगर  रेल सेक्शन पर दैनिक रेल यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है।  इसका अनुमान  दिल्ली , शाहदरा , गाजियाबाद , नया गाजियाबाद , मुरादनगर , मोदीनगर , मेरठ , खतौली व् मुजफ्फरनगर  रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है। 

इस रेल रुट पर काफी संख्या में  लम्बे रुट की एक्सप्रेस ट्रेन  हरिद्वार ऋषिकेश तक चलती है , जिनमें  अनारक्षित  कोच न के बराबर होते है।  यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह कोच ऊँट के मुहं में जीरा है। इन गाड़ियों व् लोकल  ट्रेन में   फैमिली , बच्चो के साथ खड़े होकर भी सफर करना एक महाभारत है।  

दिल्ली से सुबह  5 बजे  अहमदाबाद मेल-योग नगरी  19031  में   जनरल  कोचों में परिवार के साथ शायद ही कोई सफर कर पाए।  इसी लिए  सुबह इस गाड़ी के समय के आस- पास दिल्ली -मुजफ्फरनगर  तक  ट्रेन चलाने से यह समस्या हल हो सकती है  

शाम के समय जब यही ट्रेन योग नगरी - अहमदाबाद मेल- 19032  बनकर मुजफ्फरनगर लगभग 6. 30  पर मुजफ्फरनगर  पहुँचती है  , तो भी जनरल कोच का यही हाल है , इसी समय यदि मुजफ्फरनगर से दिल्ली तक शटल चला दी जाए तो समस्या का समाधान हो सकता है। 

मेरठ , मुज़फ्फरनगर NCR  के अंतर्गत है, इसी लिए मुज़फ्फरनगर- दिल्ली तक रेल शटल चलाई जानी चाहिए। 

पहले एक शटल सुबह- शाम  दिल्ली - मुजफ्फरनगर के बीच चलती थी जिसे बढाकर सहारनपुर तक कर दिया गया। वर्तमान में कोई शटल मुजफ्फरनगर से बनकर नहीं चलती है। 

जब तक दिल्ली -मेरठ रेपिड का कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक रेलवे प्रशासन को   रेल यात्रियों की सुविधा के लिए  दिल्ली - मुजफ्फरनगर तक  रेल शटल/ एक्सप्रेस ट्रेन चलाने पर विचार करना चाहिए 

इन  दिनों  शंभू बार्डर पर कथित किसानों ने  ट्रेनों के संचालन में  अवरोध उत्पन्न कर रखा है , इस कारण दिल्ली -मेरठ -मुज़फ्फरनगर  रुट पर लम्बी दूरी की ट्रेन जैसे शालीमार  एक्सप्रेस  आदि  दिल्ली से आगे रद्द है।  इससे इस रुट पर यात्रियों की और परेशानी बढ़ गई है।   शालीमार एक्सप्रेस को  दिल्ली   रद्द करने के   बजाय , सहारनपुर  तक बढ़ा कर रद्द्द  कर दिया जाए , तो  यात्रियों की  सुबह  शाम की  सफर की समस्या  को  कम किया जा सकता है। 

 क्या रेलवे से मदद मिल पाएगी 

जय हिन्द जय भारत 

8.5.24

वोटिंग में विकास आधार हो या फ्री का चन्दन घिस मेरे भाई वाला आधार

वोटिंग में  विकास  आधार हो या मुफ्त की सुविधा का आधार    
भारत  में इन दिनों  लोक सभा चुनाव हो रहे है।  7 चरणों में होने वाले चुनाव में अभी तक 3 चरणों का मतदान संपन्न हुआ है  ( 19 अप्रैल , 26 अप्रैल , 7 मई )  अभी 4 चरणों के चुनाव क्रमशः 13 मई , 20 मई ,25 मई व् 1 जून का चुनाव बाकी है।  दिल्ली में छठे चरण अर्थात 25 मई को चुनाव होना है। 
पार्टियों के  पिटारे  में वोटरों  को रिझाने के लिए अपनी अपनी  मुफ्त की स्कीमें है।  कोई फ्री की रेवड़ी का जिक्र कर रहा है  मगर मोदी जी विकास की गारंटी का दे रहें है । 
 मोदी जी की 10  वर्षीय  सरकार ,  देश में  विकास  कार्य हुए , वहीं  भयमुक्त , दंगामुक्त  , आतंकवाद मुक्त देश  बना।  कोरोना  काल में  मुफ्त टीके लगे।   हर घर जल हर घर नल  का इंतजाम हुआ।  
 किसान सम्मान निधि मिली ,  गरीब को  स्वस्थ आयुष्मान  योजना  का लाभ मिला , उज्वला  स्कीम के तहत रसोई गैस मिली , स्वच्छ भारत मिशन के तहत  हर घर  टॉयलेट की सुविधा प्रदान की गयी।  
गरीब को  मुफ्त राशन  मिला  आदि आदि।  
 विश्व में उथल पुथल  होने के बावजूद सफल विदेश नीति  रही।   देश विदेश में सनातन धरम की ब्रांडिंग कर  सनातन को बुलंदी पर पहुंचाया। 
  कश्मीर  व राम मंदिर जैसे जटिल मुद्दे बड़ी ही खूबसूरती से सदा-सदा के लिए  हल किये।  मथुरा व् काशी भी हल होने की उम्मीद है।  इसी लिए मोदी जी विकास को गारंटी को आधार बनाकर अपने पक्ष में वोट करने की अपील कर  रहें  है ।  स्कीमों के लाभ  ने वोटरों  के मन  में विश्वास पैदा किया है। जो  वोटर के मन में गहरी छाप छोड़ रही है। 
 उत्तरप्रदेश में योगी जी गुंडा राज खत्म किया , प्रदेश  को विकास की  राह पर चलाने का काम किया , इसी से  आम जनता खुश  है।  
वहीं कुछः  विपक्षी  पार्टी महा घोटालों में  फंसी  है  ऐसा लगता  है  भ्रस्टाचार को  कुछ नेताओं  ने  अपना जन्म  सिद्ध अधिकार मान लिया है। इसी लिए उनके  तरकस में फिर से  घिसे-पिटे तीर निकल रहें है।   और वोटर को लुभाने की असफल कोशिश में लगे है।  फ्री बिजली , फ्री पानी , मुस्लिम आरक्षण , सम्पदा टैक्स ( एस्टेट ड्यूटी ) जैसे  वादे उनके मैनुफेस्टों में है।   विकास की योजनाओं , विदेश नीति आदि के नाम पर ठन- ठन  गोपाल।  
विपक्षी राज्य सरकार का विकास मॉडल देखकर, सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है 
एक ज्वलंत  उदहारण दिल्ली के फ्री बिजली , फ्री पानी  का है।  विकास की योजना अटकी पडी है , बात बात पर  दिल्ली विधान सभा में जहां जनता की समस्या पर विचार होना चाहिए था , वहां विषेअधिकार का लाभ ले केंद्र व् मोदी को  अनपढ़ राजा की कहानी सुनाई  जा रही है।  केंद्र से टकराव से  दिल्ली  की जनता का अहित हो रहा है। 
दिल्ली में मुफ्त पानी का एक कड़वा सच यह भी है  कि  खुराना जी  की सरकार तक दिल्ली में  एक माह का  पानी का बिल केवल 11 रुपए आता था।  परन्तु शीला दीक्षित की सरकार ने  पानी व् सीवर दरों में बड़ी  वर्द्धि की  जो अभी तक लागू है, दिल्ली सरकार को पानी की दर  को कम करना चहिये था  परन्तु सरकार ने  बिलों को माफ़ करने का रास्ता चुना। 
दिल्ली में ही  घोटालों की लम्बी सूचि  है , जिसने  दिल्ली के फ्री मॉडल पोल  खोल कर  दी है।  विज्ञापन पर करोड़ों का खर्च , वकील, कोर्ट   फीस पर  जनता की कमाई का खर्च।   सड़कों की हालत खराब। दिल्ली जल बोर्ड का खराब पानी आता है इसी लिए  पीने के लिए  हर घर में  पानी खरीदा जा रहा है।  दिल्ली में  सोशल मीडिया पर  घोटालों की नयी नयी  चीजें  उजागर  हो रहीं  है। 
 
इस तरह  से हमने  सत्ता में आने के लिए दो मॉडल देखे ,  एक फ्री वाला , दुसरा  मोदी जी विकास की गांरटी वाला। 
 भेड़ों को फ्री में कम्बल बाँटने के लिए मुंडाई की  भेड़ों की होती है। ठीक इसी तरह  फ्री  मॉडल में टेक्स पेयर्स का पैसा लुटता  है। विकास बाधित होता है।  सरकार के पास विकास के नाम पर पैसा ही नहीं बचता। 
ठीक इसी प्रकार  विकास का मॉडल में रोजगार  का  सर्जन  होता  है , देश की तरक्की होती है।  
अतः विकास की गारंटी देने  वाली को ही वोट करें।  सच ही  है  -
एकै साधे सब सधै, सब साधै सब जाय।
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय॥  

 आइये आने वाली चरणों में अधिक  अधिक  विकास की गारंटी पर वोट करें। 
 25 मई को दिल्ली में  छठे चरण  का मतदान है।  यदि अपना भविष्य व् कमाई  सुरक्षित चाहते है तो मतदान अवश्य करें।    


जय हिन्द जय भारत 






13.4.24

PF , ESIC भुगतान ऑफ लाइन मोड़ - RTGS /NEFT के रूप में

 PF ,  ESIC  भुगतान ऑफ लाइन मोड़ - RTGS /NEFT के रूप में 

व्यापारिक / गैर व्यापरिक संस्थानों , कंपनी , फैक्ट्री  आदि को हर  माह  अपनी  वैधानिक जिम्मेदारी  के तहत   सरकारी/ अर्ध सरकारी  खातों में   समय पर ऑन लाइन / ऑफ लाइन मोड़ में  भुगतान  करना होता है। उदाहरण के लिए  जैसे  मासिक  TDS /TCS , INCOME TAX ,  GST , PF , ESIC , बिजली , टेलीफोन बिल आदि -आदि। TDS /TCS ,  INCOME TAX ,  GST , बिजली , टेलीफोन  आदि के भुगतान  के लिए  यह सुविधा  ऑन लाइन / ऑफ लाइन मोड़ में  अर्थात चेक , RTGS /NEFT  के रूप में  आसानी से उपलब्ध है , मजे की बात तो यह है  कि  पेन को  आधार से लिक कराने के लिए लगने वाली  फीस के भुगतान को  ऑन लाइन के साथ- साथ  ऑफ लाइन मोड़ में  अर्थात NEFT  के दवरा भी किया जा सकता है। 
ऑन लाइन पेमेंट्स  मोड़  होने पर भी आज भी बड़ी संख्या में  संस्थान /व्यापारी  उपरोक्त मासिक भुगतानों  को  कई कारणों  से  जैसे  समय पर पेमेंट्स अप्रूवर का न होना , नेट कनेक्टिविटी का न होना ,   साइट का धीमा  चलना  आदि  कारणों से ऑफ लाइन मोड़ में  अर्थात RTGS /NEFT  के दवरा ही करना पसंद करते है । 

ऑफ लाइन मोड़  पॉपुलर होने का एक अन्य बड़ा  कारण  यह भी है कि  जिन संस्थानों ने बैंकों से कोई लिमिट /ऋण  इत्यादि की सुविधा ली हुई है , वे सभी  संस्थान  अपने  चालू  खाते से पहले सरकारी भुगतानों  की ऑन लाइन पेमेंट्स  करते थे  ,परन्तु  रिज़र्व  बैंक के  आदेश पर या तो इन खातों को बंद कर दिए गया  या उन्हें केवल  कस्टमर कलेक्शन अकाउंट के रूप में चालू रखने की अनुमति  है।  अर्थात इस प्रकार के खातों में अब  चेक  बुक , सरकारी भुगतान की सुविधा  नहीं है। 

यही कुछ   कारण  है जिससे  संस्थान  की कुछ  मासिक  भुगतान  जैसे  PF  ESIC  में  अक्सर देरी  हो जाती है। ऑन लाइन पेमेंट्स के समय  आख़री तारीख पर  PF , ESIC  की साइट धीमी या हैंग हो जाती है जिससे  समय पर पेमेंट्स करने में दिक्कत  होती है   तथा  समय पर इनका  भुगतान न होने पर   संस्थान को  ब्याज आदि के रूप में राशि चुकानी पड़ती है। 

यदि  PF ,  ESIC का  भुगतान भी  अन्य उपरोक्त  भुगतानों की तरह  ऑफ लाइन मोड़  अर्थात  RTGS /NEFTके रूप में प्रोत्साहित किया जाए तो इससे संस्थानों को ब्याज के रूप में दी जाने वाली राशि की हानि भी नहीं होगी व् समय पर इनका भुगतान भी हो सकेगा। 
  यह कदम निश्चित ही तुम्हारी भी जय जय हमारी भी जय जय जैसा होगा। आशा है निश्चित ही  सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम  उठाएगी।  
जय हिन्द , जय भारत 
 

12.3.24

केंद्रीय योजनाओं से ऊंचा उठता ग्रामीण जनजीवन

  केंद्रीय योजनाओं से  ऊंचा  उठता   ग्रामीण जनजीवन 


  ग्रामीण जनजीवन को ऊपर उठाने में   मोदी सरकार  दवरा  किया जाने  वाला  गजब का कार्य अब धरातल पर साफ़ नजर रहा है।  यदि मैं   उत्तराखंड - हरिद्वार जिले की रुड़की  तहसील  के अंतर्गत  अपने  पुश्तैनी /पैतृक गांव  बिझौली  व् उसके  आस-पास के क्षेत्र/ गावं जैसे  ढंडेरा , नगला इमरती  आदि पर नजर डालता हूँ तो इन योजना से ग्रामीण जीवन स्तर में हुआ   परिवर्तन साफ़ नजर आता है . 

 सभी लोग बिना किसी  जाति -धर्म  भेदभाव के मुफ्त राशन की योजना का लाभ ले  रहें हैहर घर में  निरन्तर बिजली की सप्लाई  है।   घरों में गैस के कनेक्शन है,  इनमें  काफी लोगों को उज्ज्वला योजना का लाभ भी मिला है , आयुष्मान योजना में लोगों का  5 लाख तक का  स्वास्थय  बीमा है ,  Rs. 12,000 के सरकारी अनुदान  से  घरों  टॉयलेट  है।  गांव पूरी तरह से  खुले में  शौच मुक्त  (ODF ) है , मुख्य सड़क से गांव तक सड़क  कनेक्टिविटी है। जल जीवन मिशन के तहत विश्व  बैंक दवरा  पोषित  केंद्र की  हर घर जल हर घर नल  योजना का  कार्य तेजी से समापन की  ओर  चल रहा है। 

  ढंडेरा-बिझौली  गावं  के आस- पास बसी  आबादी  जैसी कर्नल एन्क्लेव , सैनिक  विहार आदि में  बड़ी तेजी से  जिस तरह   पानी की पाइप  लाइन दिन रात एक करके डाली गयी है, वो  सचमुच ही  एक सराहनीय है 

लोगों को   पीएम स्वामित्व योजना के तहत गावों में  स्वामित्व योजना का लाभ मिला है। 

 PM   सम्मान निधि के तहत किसानों को लाभ उठा  रहें है।  

बिजली की उपलब्धता से  गावों में वैल्डिंग , प्लम्बर , बिजली रिपेयर  के साथ साथ  दुपहिया  वाहनों , फ़्रिज , इन्वर्टर , मिक्सी , वाशिंग मशीन  आदि की डिमांड से रोजगार में वर्द्धि हुई है , इन सबकी  बिक्री से  सरकार की आय में  GST  आदि  से बढ़ोतरी  हुई है। भुगतान के मामले में  देश भर की तरह यहां भी  मोदी की डिजिटल क्रान्ति  ने  गांव -शहर का अंतर ही कम  भुगतान  को आसान कर दिया है।  डिजिटल क्रान्ति से बिक्री भी बढ़ी है।  

इस सरकार ने  लोगों को याचक की जगह ,  सशक्त बना दिया है।  इतना होने पर भी क्षेत्र  के लोग  मोदी सरकार  के आगामी  कार्यकाल से  उम्मीद लगाए है   जैसे -

 

हरिद्वार तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए , सड़क पर ट्रेफिक , तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा  व् उनके   हित  में केंद्र सरकार को   मेरठ -मुजफ्फरनगर  की रैपिड मेट्रो का विस्तार  हरिद्वार तक करना चाहिए। 

 जैसा कि  ज्ञात ही है कि राज्य सरकार के पास सीमित संशाधन होते है , इसी लिए  नेशनल हाइवे पर सुरक्षा के लिए  केंद्र  को नेशनल हाइवे पुलिस पेट्रोलिंग जैसी कोई योजना पर काम करना चाहिए , ताकि  यात्री  भय मुक्त  देर  रात  यात्रा करते समय परिवार सहित सुरक्षित  व् आनंदित अनुभव कर सके . 

 मुख्य सड़क से गावों  तक जोड़ने  वाली सड़कों  पर , केंद्र सरकार  की तरफ से  पथ प्रकाश की व्यवस्था  कदम उठाने चाहिए।    शनिवार -रविवार को मंगलौर  कस्बे  में नेशनल हाइवे सड़क पर जाम लगना आम बात है , अतः  यहां  फ्लाइओवर  के निर्माण / बाई पास की तीव्र आवश्यकता है।  रुड़की में  सोलानी नदी पर बने पुल  की मरम्मत आदि करानी चाहिए , ताकि  बड़े वाहन  गुजर सके।  

दिल्ली से  मेरठ -मुज़फ्फरनगर -सहारनपुर - रूड़की-लक्सर  तक   अधिक से अधिक सुपर  फास्ट अनारक्षित ट्रेनों  को चलाया जाना चाहिए।  रुड़की -लक्सर में इंडस्ट्रियल एरिया है व्   भारी संख्या में यात्री   नॉन प्लांड  अनारक्षित यात्रा करते  है , परिवार सहित यात्रा करने वालों को लाभ होगा।  

जय हिन्द , जय भारत

 

   

 

  

 

ढंडेरा नगर पंचायत (रूड़की)-में जल निकासी की समस्या

देश के अन्य राज्यों के अतिरिक्त , योगी   जी के उत्तरप्रदेश,धामी जी उत्तराखंड   में भी केंद्र सरकार द्वारा  अनेकों   योजना     की   लागू कर ...