18.1.26

नमो भारत ट्रेन फेयर कम करने की जरूरत

नमो भारत ट्रेन वर्तमान में न्यू अशोकनगर दिल्ली-मेरठ साउथ (परतापुर) तक संचालित है।  वर्तमान में  गाजियाबाद (शहीद  स्थल  मेट्रो)  से  मेरठ साउथ (परतापुर) नमो भारत का किराया 90  रुपए है वहीं  रोडवेज बस का  मोहननगर मेट्रो (गाजियाबाद ) से मेरठ  तक  किराया  83 रूपये  है। 

अर्थात रोडवेज बस का किराया नमो भारत से कम  है।  अतः आम यात्रियों के हित , खर्च करने की शक्ति सड़क पर वाहन कम करने व् प्रदूषण कम करने के उद्देशय से नमो भारत ट्रेन को किराए में तार्किक रूप से  30 %  कम करने की आवश्यकता है।  ताकि   आम लोग  मेट्रो की तरह  इसमें सफर कर सके।  

वैसे नमो भारत ने अभी तक गाजियाबाद  से  मोदीपुरम तक का किराया प्रदर्शित  नहीं किया है।  परन्तु  उम्मीद है कि   नमो भारत रोडवेज बस  किराए व् आम लोगों की क्रय शक्ति को ध्यान में रखकर  नमो  भारत का किराया तय करेगी।  ताकि हाई स्पीड ट्रेन का लाभ आम लोग  भी उठा सकें !


जय हिन्द ! जय भारत ! वन्दे  मातरम !


दिल्ली शाहदरा - हरिद्वार स्पेशल ट्रेन - 04301 -04302

 ट्रेन ऑन  डिमांड की श्रेणी में  उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन ने  माघ स्नान को  ध्यान में रख  दिल्ली शाहदरा-हरिद्वार के बीच  सप्ताह में तीन दिन  चलने वाली  (सोमवार, शनिवार , रविवार )  ट्रेन नंबर 04301 -04302   स्पेशल ट्रेन का संचालन  शुरू किया।  जो  हरिद्वार  तीर्थ यात्रियों के लिए  एक सराहनीय कदम है। 

 यह ट्रेन आगे कितने दिन और संचालित होगी यह तो रेलवे अधिकारी ही जानते है।  परन्तु इन तीन दिनों में  मुजफफनगर से गाजियाबाद , शाहदरा आने वाले उन  यात्रियों को जरूर  राहत मिली है जो योगा एक्स्प्रेस 19032  में  अत्यधिक भीड़ होने के कारण  चढ़ने में असफल हो जाते थे , उन्हें  मजबूरन सहारनपुर से  मुजफ्फरनगर  रात  8  बजे आने वाली सुपरफास्ट ट्रेन 20412  का इंतजार करना पड़ता था।  वैसे  इस सुपरफ़ास्ट ट्रेन में भी रविवार या त्यौहार के समय यात्रियों का ट्रेन में सफर करना मुशिकल होता है। 

 उत्तर रेलवे से अनुरोध है कि उसे    ट्रेन ऑन  डिमांड की श्रेणी की ट्रेन नंबर  04301 -04302   स्पेशल ट्रेन को  रेगुलर श्रेणी में रख कर चलाने की कृपा करें। इससे हरिद्वार तीर्थ यात्रियों के अतिरक्त  अन्य रेगुलर यात्रियों को भी  ट्रेन सफर में  मिलेगी।  

 जय हिन्द ! जय भारत ! वन्दे मातरम ! 

 

4.1.26

मुज़फ्फरनगर से मोहन नगर मेट्रो बस सेवा


मुज़फ्फरनगर  से दिल्ली  की  बसें  यात्रियों की संख्या को देखते हुए  न के  बराबर  है।  इसी लिए  यात्री  रामपुर तिराहा , राणा सरिया चौक  बाई पास से  दिल्ली के लिए  अन्तर्राज्यीय बस पकड़ने को मजबूर होते है। जिसमें  यात्री को  लोकल  यात्रा पर पैसा , समय  खर्च करने  के साथ साथ सफर में काफी  परेशानी   उठानी  पड़ती है। 

 उत्तरपद्रेश  परिवहन  निगम  को मुजफ्फनगर  से मोहन नगर मेट्रो  तक  बाहर-बाहर  खतौली , मेरठ बाई  होते हुए  मोदी नगर गाज़ियाबाद के  रास्ते  मोहन नगर मेट्रो तक  रोडवेज बसों  के  संचालन  की व्यवस्था करनी  व्यवस्था होनी चाहिए। 

इससे यात्रियों का समय व् पैसा दोने बचेगें। 

 मुजफ्फरनगर से आनंद विहार तक कुछ बसों का संचालन  तो होता है।  परन्तु उनमें मेरठ के अंदर काफी समय लगता है।  साथ ही साथ काफी बसें मेरठ में आकर ही समाप्त हो जाती है। 

जय हिंद ! जय भारत!

मुज़फ्फरनगर 

अंतराज्यीय ( Inter State ) बसों का मोहन नगर मेट्रो तक संचालन

प्रदूषण  को ध्यान में रख दिल्ली में  ग्रेप -4  लागू  होने पर बाहरी राज्यों  से आने  वाली  अन्तर्राज्यीय  बसें  कम  हो गयी है    शनिवाररविवार  या  तीज-त्यौहार पर यात्रियों की संख्या  को देखते हुए  बसों  कम  पड़  जाती है। 

बसों की कमी व् यात्रियों की संख्या को देखते हुए  साप्ताहिक यात्रियों की सुविधा के लिए  उत्तराखंड  व्  उत्तरप्रदेश  रोडवेज  को  हरिद्वार , रूड़की , मुजफ्फरनगर , मेरठ से ग्रेप-से कम  वाली बसों को मोहन नगर ( गाज़ियाबाद ) मेट्रो तक संचालित करने की व्यवस्था करनी चाहिए। मोहन नगर से यात्री  मेट्रो  लेकर   दिल्ली  में अपने गंत्वय स्थान तक आराम से पहुंच सकते है।  

ऐसा करने से  ग्रेप -बसों की कमी  को पूरा किया जा सकता है।  यात्रियों का समय भी बचाया जा सकता है।  दिल्ली की भीड़-भाड़ को कम  कर प्रदूषण को भी कम करने में मदद की जा सकती है। 

 उत्तराखंड  व्  उत्तरप्रदेश  रोडवेज  को इस दिशा में कुछ कदम उठाने चाहिए। 

 नव वर्ष की मंगल  कामना के साथ , जय हिन्द ! जय भारत !



 

 

 


23.12.25

MY VIEWS : करोना समय से मेरठ- दिल्ली से बंद पडी पैसेंजर ट्रेनस

MY VIEWS : करोना समय से मेरठ- दिल्ली से बंद पडी पैसेंजर ट्रेनस: करोना के समय रेलवे ने  सुबह के समय दिल्ली से चलने वाली  दिल्ली कालका पैसेंजर  वाया मेरठ -मुज़फ्फरनगर , व् मेरठ से अम्बाला पैसेंजर ट्रेन को बं...

करोना समय से मेरठ- दिल्ली से बंद पडी पैसेंजर ट्रेनस

करोना के समय रेलवे ने  सुबह के समय दिल्ली से चलने वाली  दिल्ली कालका पैसेंजर  वाया मेरठ -मुज़फ्फरनगर , व् मेरठ से अम्बाला पैसेंजर ट्रेन को बंद कर दिया था।   5  वर्ष से अधिक  समय बीत जाने पर भी उत्तर रेलवे दवरा  इन ट्रेनों को  अभी तक पुनः  संचालित  नहीं किया गया है। 
रेलवे से अनुरोध है कि  इस रेल मार्ग पर दैनिक रेलवे यात्रियों की परेशानी को  ध्यान में रखते हुआ इन ट्रेनों को पुनः संचालित करने की कृपा करें।   इससे   दिल्ली , दिल्ली -शाहदरा , गाज़ियाबाद , मेरठ-मुज़फ्फरनगर-खतौली आदि जगह  के असंख्य यात्रियों को सफर करने में आसानी होगी। 

15.11.25

केंद्र सरकार की योजनाओं से ऊपर उठा ग्रामीण जनजीवन

यदि पूर्व की  कांग्रेस  केंद्र शासित   सरकार  की  ग्रामीण क्षेत्रो में  लागू योजनाओं  का अध्ययन किया  जाए  तो उसमें हम मुख्यतः  कंट्रोल रेट पर मिलने वाली  राशन  चीनी व मिट्टी के तेल को रख सकते है। 

 पारिवारिक पृष्टभूमि  से आये  नेताओं की  जमीनी  अनभिज्ञता का इस बात से सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है  कि जब  वो ग्रामीण  महिला से  घरों में जाकर  पूछते है -  मिट्टी का तेल  मिलता है  ?   चूल्हे पर बैठी   महिला  तपाक से जवाब देती है - अब घर घर  गैस है , मिट्टी के तेल की जरूरत नहीं

ऐसे उत्तर जमीन से कटे नेताओं को न केवल निरुत्तर करते है, वरन अपनी अज्ञानता से हंसी के पात्र बनते है । उन्हें क्या मालूम  ग्रामीण परिवेश  अब  कितना बदल गया है  

  यदि अतीत को याद करें  तो  ग्रामीण  जीवन  स्तर  को ऊपर उठाने में सबसे पहली कड़ी  अटल  सरकार की  प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना  है। 

वर्तमान में मोदी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र की योजनाओं की झड़ी  लगाकर ग्रामीण जन स्तर  को बहुत  ऊंचा उठा दिया है। 

 हर घर  गैस , पानी  पाइप लाइन , घरों का मालिकाना हक़ , हर घर में टॉयलेट , किसान सम्मान निधि , जन धन खाते , प्रधानमंत्री सड़क योजना से जुड़ते गावं , राज्यों के सहयोग से  किसानों को गन्ना मिलों  दवरा समय पर भुगतान , ग्रामीण क्षेत्रो में  बिजली की समुचित सप्लाई। 

इन योजनाओं से  ग्रामीण क्षेत्रों में  ही रोजगार की उत्पत्ति  हुई  ,  उचित बिजली  सप्लाई से गांव में फ्रिज व् अन्य इलेक्ट्रॉनिक  सामानों की बिक्री   बढ़ी ।  जिससे न केवल  उद्योंगों ने उन्नति की वरन  सरकारों  को  टैक्स/GST  के रूप में अतिरिक्त आय हुई।    प्लम्बर , इलेक्ट्रिसियन , वेल्डर , कारपेंटर , पेंटर ,  दर्जी , व्हीकल रिपेयर,  दुकानों  आदि  से  क्षेत्रीय स्तर  पर लोगों को रोजगार मिलने में सहायता मिली।  आदि-आदि 

इतना सब होने के बावजूद अभी भी गांव के रास्ते पर  रात के प्रकाश की व्यवस्था न के बराबर है।  केंद्र सरकार को इस दिशा में  विशेष पहल करने की आवश्यकता है।  केंद्र सरकार इसमें कम्पनी दवरा खर्च किया जाने वाला फंड CSR  आदि का भी सहारा ले सकती है। 

 केंद्र सरकार दवरा चलाई जाने वाली योजनओं से  ऊपर  उठते  ग्रामीण जनजीवन के लिए  मोदी सरकार सचमुच में  बधाई की पात्र है।  और इसी का परिणाम बिहार में उसे  बम्पर जीत के  रूप में मिला है। 

 

 

 

  

 

 

 


17.10.25

RRTS का हरिद्वार तक विस्तार

   उत्तराखंड में  हरिद्वार का  एक महत्वपूर्ण  स्थान है। यहां  तीर्थ स्थल  के अतिरिक्त  इंडस्ट्रियल  एरिया  भी है , जिनमें प्रमुख  सिडकुल , भगवानपुर,   लिबबरेड़ी, लक्सर-खानपुर आदि हैं ,  जिनका राज्य की   अर्थव्यवस्था व्  रोजगार के क्षेत्र   में एक महत्वपूर्ण  योगदान  है  

अभी हाल ही के वर्षो में  हरिद्वार  आने वालों में देश-विदेश,  स्थानीय  तीर्थ यात्रियों व् सैर स्पाटे भर्मण  वालों की  संख्या में तेजी से बढोतरी हुई है जो राज्य में पर्यटन उद्योग व् क्षेत्रीय रोजगार के लिए एक शुभ संकेत है।  इस पर सोने में सुहागा यह कि  लोगों के आपस में जुड़ने, आदान-प्रदान से  देश की एकता-अखंडता को बल मिल रहा है।     

 तीज-त्योहारों के मौकों के अतिरक्त वीक एन्ड व्  सावर्जनिक अवकाश पर  ट्रेन , बस   या अन्य सावर्जनिक  वाहनों में यात्रियों की भीड़ नेशनल हाइवे पर निजी वाहनों की  भारी संख्या , देख कर  हरिद्वार के प्रति लोगों की आस्था का अनुमान सहज  ही लगाया जा सकता है।   जो भविष्य में और  बढ़ेगा।   

यात्रियों की संख्या व् सुविधा को देखते हुए,  वर्तमान व् भविष्य की स्तिथि का आंकलन लगाते हुए , अब यह  आवश्यक हो गया है कि  हरिवार तक दिल्ली -मेरठ  RRTS रुट को  विस्तार दिया जाए। इसी बात का आग्रह मुख्यमंत्री श्री धामी जी ने भी केंद्र सरकार से किया है।  

वर्तमान में हरिद्वार  नेशनल हाइवे  पर  पुनः  जाम की समस्या होने लगी है, जिसमें   मंगलोर  कस्बा   शामिल है।  यहाँ  शनिवार व् रविवार  को  जाम लगना  आम बात  है। जिससे यहां  स्थानीय लोगों का जीवन व्  व्यापार पर भी प्रभावित हो रहा है।  

केंद्र व् नेशनल हाइवे अथॉरिटी से अनुरोध है कि वो  मंगलोर बाईपास या फ्लाईओवर पर तुरन्त विचार करे। ताकि यातायात को सुगम बनाया जा सके।    

 

जय हिन्द ! जय भारत !

 

 

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नमो भारत ट्रेन फेयर कम करने की जरूरत

नमो भारत ट्रेन वर्तमान में न्यू अशोकनगर दिल्ली-मेरठ साउथ (परतापुर) तक संचालित है।   वर्तमान में   गाजियाबाद (शहीद   स्थल   मेट्रो)   से   म...