6.10.26

रिवर्स पलायन -एक एडवेंचर

 

  एक आम आदमी  रिटायरमेंट की बाकी बची  जिंदगी शहर की भाग दौड़ से दूर अपने  पैतृक गावं में जब गुजरता है तो यह एक तरह का रिवर्स पलायन है ,ठीक  वैसे ही जैसे सैल्मन अपने अंतिम समय में  करती है।   

  आज ऐसे लोगों की कमी नहीं है जो अपनी  बाकी बची जीवन  थोड़ी सी पुस्तैनी जमीन पर रहकर गुजारना पसंद करते है। उन्हें  यह   वृद्ध अवस्था में  ओल्ड होम  ऐज  में रहने से बढ़िया  ऑप्शन लगता है।

 ऐसा करने में कुछ लोगों को कई दिक्क़तों का सामना करना पड़ता है,  जैसे भाई-बंधुओं द्वारा उनके पुस्तैनी मकान, जमीन आदि पर कब्जा करना, पुस्तैनी मकान, जमीन पर कब्जा लेते समय संघर्ष करना , महानगरों की सुविधा की कमी खलना, लम्बे समय से बाहर रहने के कारण गांव की बदली जियोग्राफी को समझने में परेशानी आदि आदि , रिवर्स पलायन घर परिवार के लोगों का सहयोग न करना  आदि- आदि। 

परन्तु जहां समस्या है, वहां समाधान भी है। जहां चाह,  वहां राह। अंत में हल निकल  आता है। ऐसे में स्थानीय प्रशाशन  ऐसे  लोगों की मदद कर सकता है। 

 रिवर्स पलायन से राज्य में कैपिटल आती है, जो  मकान आदि में लगती है , इससे राज्य की आय व्  रोजगार के अवसर पैदा होते है।

रिवर्स पलायन एक तरह से  नयी व् पुरानी  पीढ़ी को जोड़ता है। जो समाज व्  देश   में हितकर है ।

रिवर्स  पलायन वाले लोग गांव आकर समय का सदुउपयोग से पुस्तैनी खेती करते है ,सामाजिक कार्य करते है। 

शायद यही कारण है ,  रिवर्ष पलायन वाले  लोगों को ओल्ड होम जैसे सेलटरों की जरूरत ही नहीं पड़ती , और बाकी जिंदगी  तनाव रहित   गुजारते है।  

साथ ही शहर में रहने वाले परिवार के नौकरी पेशा  सदस्य जो  CA , वकील  या अन्य पेशा में हो सकते है, के लिए यहां आना एक फ्री का  पिकनिक स्पॉट हो जाता है।  जो    उन्हें पूर्वजों की  धरोहर से जोड़ने का काम करता है। 

निश्चित ही    जीवन के  चौथे चरण का  रिवर्स पलायन जो परिवारों को पूर्वजों की  जड़ों से जोड़ता है , जो  समाज व् देश में महत्वपूर्ण  योगदान देता है  । 

रिवर्स पलायन जीवन के अंतिम चरण का एक एडवेंचर है, जिसे सकारत्मक रूप में लेना चाहिए । यह भी ध्यान देने योग्य है कि रिवर्स  पलायन उत्तराखंड और बिहार अधिक होता है।  

जय हिन्द ! जय भारत ! वन्दे भारत !

 


13.9.26

ढंडेरा नगर पंचायत (रूड़की)-में जल निकासी की समस्या

देश के अन्य राज्यों के अतिरिक्त , योगी  जी के उत्तरप्रदेश,धामी जी उत्तराखंड  में भी केंद्र सरकार द्वारा  अनेकों  योजना   की   लागू कर जंमीनी धरातल पर  उतारी गयी । 

 तहसील रूड़की ( हरिद्वार)   के अंतर्गत  आने वाली " ढंडेरा नगर पंचायत " के  क्षेत्र   वासियों को  भी  इन योजनाओं  से  जीवन स्तर  ऊपर उठाने में भरपूर मदद मिली ।

उदाहरण के लिए  हसनपुर अलीपुर,  ग्राम  बिझौली  आदि   क्षेत्र स्वच्छ अभियान के तहत   वर्तमान में ODF  की श्रेणी में है,  जल जीवन मिशन के तहत पीने के पानी की पाइप लाइन डाली  गयी।  घरों में  एलपीजी  कनेक्शन  है ,  योग्य किसानों को किसान सम्मान निधि का वितरण   आदि- आदि । 

परन्तु इतना सब होने पर भी इस  क्षेत्र में  विशेषकर ढंडेरा नगर पंचायत, रूड़की में  वर्षा जल व् घरों की पानी निकास की विकट समस्या मौजूद है ,  उदाहरण  के लिए   ढंडेरा लिंक रोड जो  चौधरी चरण  सिंह चौक को लक्सर रोड से जोड़ती है , में  सदैव पानी भरा  रहता है। जिसकी मुख्य सीवर लाइन /नाले में निकासी आवश्यक है। 

 आकाशदीप,  श्री राम  कुंज,  सैनिक  विहार  आदि के निवासियों  भी जल निकासी , निकास के लिए नालियों जैसी समस्या से दो चार है। 

क्यों की राज्य सरकार के पास   संसाधन  कम  होते है,  यदि  केंद्र की मोदी जी की  सरकार  व    धामी जी की सरकार/  उत्तराखंड सरकार  दोनों इस दिशा में एक साथ मिलकर पहल करनी चाहिए।   

जल जीवन मिशन , स्वच्छत्ता अभियान की तरह  ढंडेरा नगर पंचायत  क्षेत्र में भी इसी पहल के तहत कदम  उठाने चाहिए।  

केंद्र सरकर को इस दिशा में देश भर में इस तरह की योजना की दिशा में काम करना चाहिए।  

 

जय हिन्द ! जय भारत !  वंदे  भारत !  

रैपिड मेट्रो-मोदीपुरम -मेरठ

वर्त्तमान में  रैपिड  मेट्रो  "नमो भारत" का संचालन  सराय काले खां (दिल्ली) से  मोदीपुरम (मेरठ) तक है व जिसका रुट  भविष्य में मुजफ्फरनगर-रूड़की-हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश तक प्रस्तावित है ,  की  वर्तमान में  रूड़की,  मुजफ्फरनगर, खतौली से  तीव्र गति से  चलें वाली बसों की  कनेक्टिविटी न के बराबर है। यहां से सुबह शाम काफी  यात्री समय की बचत के लिए  ट्रेवल करते है । उत्तराखंड व् यूं पी रोडवेज को इस दिशा में रैपिड  मेट्रो  के साथ  मिलकर  यात्रियों  के यात्रा समय को कम  करने की दिशा में तीव्र गति की बसें चलाकर , कुछ पहल करनी  चाहिए।  

साथ ही  रैपिड मेट्रो को NCMC  कार्ड पर दिल्ली मेट्रो की तरह 10% की यात्रा के समय स्वतः ही किराए पर छूट का प्रावधान भी करना चाहिए जो यात्रियों के लिए बड़ी राहत हो सकती  है 

जय हिन्द ! जय भारत ! वन्दे  मातरम !

  


25.6.26

रैपिड मेट्रो में NCMC कार्ड पर 10 % की तुरंत डिस्काउंट की सुविधा

वर्तमान में  मेरठ रैपिड मेट्रो  ट्रेन में NCMC  कार्ड  से यात्रा करने पर  किराये में 10 % की तुरंत फ्लैट डिस्काउंट की सुविधा  उपलब्ध नहीं है। 
मेरठ रैपिड मेट्रो  ( मेट्रो ) में यह सुविधा मेट्रो यात्रियों को एक बड़ी राहत पहुंचा सकती है।  सरकार व् मेट्रो को इस सुविधा का  लाभ मेट्रो यात्रियों को देने की दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए  

15.2.26

गन्ने की बुवाई के लिए खेत की तैयारी

गन्ने की बुवाई के लिए खेत की तैयारी 


इन दिनों किसान वसंतकालीन गन्ने की  बुवाई कर  रहा है,  व्  खेत  को  बुवाई के लिए  तैयार कर रहा है।  वैसे तो    किसान  गन्ने  की  वैरायटी  0238 पर ही भरोसा करता है , परन्तु  कहीं  018  की  वैरायटी पर भरोसा कर रहें है। आइये   गन्ने की बुवाई के लिए  किसान की खेत की तैयारी का एक दृश्य देखते है -





      

18.1.26

नमो भारत ट्रेन फेयर कम करने की जरूरत

नमो भारत ट्रेन वर्तमान में न्यू अशोकनगर दिल्ली-मेरठ साउथ (परतापुर) तक संचालित है।  वर्तमान में  गाजियाबाद (शहीद  स्थल  मेट्रो)  से  मेरठ साउथ (परतापुर) नमो भारत का किराया 90  रुपए है ,  वहीं  रोडवेज बस का  मोहननगर मेट्रो (गाजियाबाद ) से मेरठ  तक  किराया  83 रूपये  है। 

अर्थात रोडवेज बस का किराया नमो भारत से कम  है।  अतः आम यात्रियों के हित , खर्च करने की शक्ति ,  सड़क पर वाहन कम करने व् प्रदूषण कम करने के उद्देशय से नमो भारत ट्रेन को किराए में तार्किक रूप से  30 %  कम करने की आवश्यकता है।  ताकि   आम लोग  मेट्रो की तरह  इसमें सफर कर सके।  

वैसे नमो भारत ने अभी तक गाजियाबाद  से  मोदीपुरम तक का किराया प्रदर्शित  नहीं किया है।  परन्तु  उम्मीद है कि   नमो भारत रोडवेज बस  किराए व् आम लोगों की क्रय शक्ति को ध्यान में रखकर  नमो  भारत का किराया तय करेगी।  ताकि हाई स्पीड ट्रेन का लाभ आम लोग  भी उठा सकें !


जय हिन्द ! जय भारत ! वन्दे  मातरम !


दिल्ली शाहदरा - हरिद्वार स्पेशल ट्रेन - 04301 -04302

 ट्रेन ऑन  डिमांड की श्रेणी में  उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन ने  माघ स्नान को  ध्यान में रख  दिल्ली शाहदरा-हरिद्वार के बीच  सप्ताह में तीन दिन  चलने वाली  (सोमवार, शनिवार , रविवार )  ट्रेन नंबर 04301 -04302   स्पेशल ट्रेन का संचालन  शुरू किया।  जो  हरिद्वार  तीर्थ यात्रियों के लिए  एक सराहनीय कदम है। 

 यह ट्रेन आगे कितने दिन और संचालित होगी यह तो रेलवे अधिकारी ही जानते है।  परन्तु इन तीन दिनों में  मुजफफनगर से गाजियाबाद , शाहदरा आने वाले उन  यात्रियों को जरूर  राहत मिली है जो योगा एक्स्प्रेस 19032  में  अत्यधिक भीड़ होने के कारण  चढ़ने में असफल हो जाते थे , उन्हें  मजबूरन सहारनपुर से  मुजफ्फरनगर  रात  8  बजे आने वाली सुपरफास्ट ट्रेन 20412  का इंतजार करना पड़ता था।  वैसे  इस सुपरफ़ास्ट ट्रेन में भी रविवार या त्यौहार के समय यात्रियों का ट्रेन में सफर करना मुशिकल होता है। 

 उत्तर रेलवे से अनुरोध है कि उसे    ट्रेन ऑन  डिमांड की श्रेणी की ट्रेन नंबर  04301 -04302   स्पेशल ट्रेन को  रेगुलर श्रेणी में रख कर चलाने की कृपा करें। इससे हरिद्वार तीर्थ यात्रियों के अतिरक्त  अन्य रेगुलर यात्रियों को भी  ट्रेन सफर में  मिलेगी।  

 जय हिन्द ! जय भारत ! वन्दे मातरम ! 

 

रिवर्स पलायन -एक एडवेंचर

    एक आम आदमी   रिटायरमेंट की बाकी बची   जिंदगी शहर की भाग दौड़ से दूर अपने    पैतृक गावं में जब गुजरता है तो यह एक तरह का   रिवर्स पलायन ...