25.5.23

मुज़फ्फरनगर -मेरठ - दिल्ली शाहदरा के बीच ट्रेन -शटल

मुज़फ्फरनगर-गाजियाबाद-दिल्ली शाहदरा  रेल-मार्ग ,  दैनिक   यात्रियों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण  रेल  मार्ग  है।साथ ही रेलवे की आय के हिसाब से भी बड़ा ही महत्वपूर्ण है।    परन्तु  दैनिक  यात्रियों की  बढ़ती संख्या  व् बंद हुई शटल्स व्  सीमित शटल संख्या  के कारण  इस रेल मार्ग पर वर्तमान में   दैनिक  शटल / मेल / एक्सप्रेस ट्रेनों में बैठ कर तो क्या सही से खड़े होकर  यात्रा  करना महिलाओं बुजर्गों परिवार  तथा  बच्चों के साथ  सफर करना किसी महाभारत से कम  नहीं । 
यदि यात्रियों की संख्या का अध्ययन किया जाए तो  दैनिक यात्रियों का सबसे ज्यादा दबाव मुज़फ्फरनगरमेरठमोदीनगर ,मुरादनगरगाजियाबाद,  दिल्ली शाहदरा  के बीच ही होता है । 
इन रेलवे स्टेशनों के बीच रेल यात्रियों की  भारी  संख्या को ध्यान में रखते हुए , जिसमें  दैनिक यात्रियों के अतिरिक्त  बुजर्ग महिलाओं  व्  बच्चों भी  शामिल  हैंरेलवे  के दिल्ली डिवीजन को   मुज़फ्फरनगर-गाजियाबाद-दिल्ली शाहदरा  के बीच  दिन के समयसुबह-शाम  अतिरिक्त सुविधा के साथ  छोटी दूरी की विशेष  फैमिली  शटल का संचालन प्रारम्भ करने की आवश्यकता है। जिसका रेल  किराया  सुपर फ़ास्ट ट्रेन की तरह से कुछ अधिक रखा जा सकता है। 
इससे  यात्रियों को सुविधा के साथ -साथ रेलवे के आय में वृद्धि  होगी  ,  रेलवे की पैसेंजर-फ्रेंडली  छवि  बनेगी। 
 साथ ही  कम दूरी के शटल से लम्बी दूरी  की ट्रेनों में जनरल कोचों की बेतहासा भीड़ को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।  इससे जनरल कोचों में लम्बी यात्रा करने वाले यात्रियों को भी  राहत  मिलेगी। 

 साथ ही  कम दूरी के शटल से लम्बी दूरी  की ट्रेनों में जनरल कोचों की बेतहासा भीड़ को भी नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।  इससे जनरल कोचों में लम्बी यात्रा करने वाले यात्रियों को भी  राहत  मिलेगी। 

22.2.23

रोहताश नगर में दयनीय सड़के

1993 से  रोहताश नगर-दिल्ली विधान सभा की जनता ने अपने  क्षेत्र से  माननीय आलोक कुमार , राधेश्याम खन्ना  रामबाबू शर्मा  विपिन शर्मा   सरिता  सिंहव्  वर्तमान में  जितेंद्र महाजन  को अपने विधायक के रूप में चुना।  

यदि पार्टी पॉलिटिक्स को एक तरफ रख कर  देखा जाए  व्   2015 में यहां की  विधायक  सरिता सिहं का  कार्यकाल को छोड़ दिया जाए तो  वर्ष 1993 से यहाँ से चुने  सभी  विधायकों ने अपने समय में जनता की  समस्या हल करने ,  क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण  योगदान दिया। सभी  विधायक ने क्षेत्र के विकास के  लिए  मिलने वाले  MLA  फंड के साथ  लोक सभा  व् राज्य सभा  M.P. को मिलने  वाले फंड का प्रयोग क्षेत्र के विकास के लिए किया । 

पूरे क्षेत्र में अच्छी सड़के,  पानी की भरपूर सप्लाई,  सभी खम्बों पर  रात्रि में प्रकाश के लिए सोडियम लाइट की लगाई गयी। 

यहाँ यह बात भी गौर करने लायक है कि  क्षेत्र के विकास के लिए  विधायक आलोक कुमार   राधेश्याम खन्ना   व् राम बाबू  शर्मा जी का योगदान विशेष सराहनीय रहा।  

उस समय  विधायक MLA  फंड को MCD में देकर  गली  मोहल्ले  की सड़केंनालियोंस्ट्रीट  लाइट, गली सूचक बोर्ड   आदि में  उपयोग करते थे।  

भले ही उस समय MCD  और राज्य में अलग अलग पार्टियों की सरकार  थी ,  परन्तु MCD   क्षेत्र के विकास में विधायक ने  कोई कोताही नहीं बरती। 

MCD के कार्यक्षेत्र में  कार्य करने  पर भी  MLA  का झंडा ही बुलंद रहता  था।  मतलब  हाथी  घूमें  गांव-गावं , जिसका हाथी  उसका नाम । वर्तमान  राज्य सरकार में ऐसा  होता नहीं प्रतीत होता ।  

 खैर यह तो अतीत की सुनहरी यादें है, जिन्हे  याद कर दिल को तसल्ली  देने के सिवाय  भला और किया क्या सकता  है ?

क्षेत्र की जनता को वतर्मान में  विकास के लिए MLA  फंड का कोई पता नहीं। 

रोहताश नगर विधान सभा के राम नगर (222)रोहतास नगर ( 223) वार्ड  में सड़कों की बुरी  स्तिथि है।   मुकर्जी स्कूल के सामने सड़क जो वर्तमान में बहुत ज्यादा चलती है, टूटी पडी है ,  न्यू मॉडर्न शाहदरा- II  में शशि पब्लिक स्कूल के सामने  जहां दो सरकारी स्कूल हैमानसरोवर पार्क DDA  फ्लेट्स का मुख्य ट्रेफिक भी  गुजरता है टूटी  पडी है राम नगर मंडोली रोड  की स्तिथि भी  कोई खास अच्छी नहीं।  

दिल्ली को पेरिशलन्दन जैसी सड़कों का ख़्वाब दिखाने  वाले नेताओं की  सरकार से अनुरोध है कि  वह MLA /MP  ( संसद सदस्य /राज्य सभा )   फंड से सड़कों व स्ट्रीट लाइटों की स्तिथि सुधारने का कार्य  करें । 

क्षेत्र में सड़कों के साथ , न्यू मॉडर्न शाहदरा फेस-II में पानी की आपूर्ति  पर  उचित  ध्यान दें।    क्या सचमुच सरकार इस ओर  ध्यान देगी 

जय हिन्द !  जय भारत  !

  

1.11.22

ट्रेन स्टॉपेज दिल्ली शाहदरा

 

20412 (SRE -DLI SUF EXP ) ट्रेन का स्टॉपेज दिल्ली  शाहदरा (DSA)

  ट्रेन नबर  20412 (SRE -DLI SUF EXP ) नया  गाजियाबाद /गाज़ियाबाद आउटर पर अधिक समय लेने से  गाजियाबाद/दिल्ली  देर से पहुँचती है। 

मेट्रो का समय 11  बजे तक होने के  कारण, दिल्ली के काफी यात्री हड़बड़ाहट में गाजियाबाद स्टेशन पर उतर कर , शहीद स्थल मेट्रों स्टेशन से मेट्रो लेते  है । 

इस समस्या  के निदान के लिए  उपरोक्त ट्रेन का  ठहराव   दिल्ली-शाहदरा कर दिया जाना चाहिए  जहां  शाहदरा मेट्रों स्टेशन, रेलवे स्टेशन के एकदम पास है.  

इस ठहराव से यात्रियों के  समय, धन  आदि की बचत होगी।  


 

17.9.22

एक पक्षीय विवादित क़ानून

देश में  लागू एकपक्षीय विवादित क़ानून   


इन दिनों  देश व् तमाम  सोशल मीडिया में कांग्रेस की तत्कालीन सेक्युलर सरकार दवरा  मनमाने  ढंग से पारित  एकपक्षीय  दो  कानूनों  की खूब चर्चा है - 

उनमें से पहला  है -  

 सोशल मीडिया में आम भाषा में कहा  जाना  वाला  "वर्शिप  एक्ट" (  The Places of Worship (Special Provisions) Act1991,  जिसका जिक्र  वाराणसी  ज्ञानवापी (शाब्दिक  ज्ञान का कुवां ) केस में  श्रृंगार गौरी में पूजा अर्चना की मांग को लेकर दायर याचिका के सुनवाई  में बार-बार हुआ व् जिला जज ने भी  इस वाद में  विपक्ष की  " वरशिप  एक्ट" के तहत दी  गयी  दलील जिसमें  राममंदिर को छोड़  सभी हिन्दू धार्मिक स्थलों की  यथस्तिथि की बात कही गयी है,  को यह कह कर ख़ारिज  दिया  कि  यह एक्ट इस  वाद में  लागू  नहीं  होता   व्  वाद  को सुनवाई योग्य माना।

 जो इस एकपक्षीय ढंग से पारित  कानून की लचरता को दर्शा रहा है। ठीक  इसी तरह की अतार्किक दलील प्रतिपक्ष दवरा - श्री मथुरा  श्री कृष्ण भूमि विवाद में दी जा रही है। 

इन दिनों दूसरा क़ानून -  वक्फ एक्ट - 1995   है  जिसे तत्कालीन कांग्रेस ने  2013 में पक्षपात पूर्ण तरीके से  संशोधित कर  वक़्फ़ बोर्ड  को इतनी पॉवर दी , सोशल मीडिया कह रहा है वक्फ बोर्ड  जहाँ भी  उंगली  रख दे वो जमीन उसकी सोशल मीडिया  वक्फ  की ताकत को   देश के क़ानून से भी   ऊपर  बता रहा है   . 

इन दिनों वक्फ की शक्ति  एक मजेदार नमूना तमिलनाडू से सुर्खिया में आ रहा है। टाइम्स नाउ ने इसकी  अच्छी व्याख्या की है। 

  वक्फ बोर्ड ने तिरुचेंदुरई के पूरे के पूरे हिन्दू  गांव को ही वक्फ बोर्ड  की सम्पत्ति ही  घोषित कर दिया,  जिसमें  गावं का 1500  वर्ष पुराना  हिन्दू मंदिर भी है  जो  भारत में आये  इस्लाम से  भी पूर्व का है इसका पता वहां के स्थानीय  किसान  श्री एन राजगोपालको को तब लगा  जब वे अपनी 40 वर्ष से  कब्जे में 1.2 एकड़  कृषि भूमि  को बेटी की शादी के लिए बेचने की कोशिश करने लगे पता लगा यह जमीन तो  तमिलनाडु वक्फ बोर्ड की है। उसे बेचने के लिए भी वक्फ  बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना होगा। लो भई  कमाल की वक्फ बोर्ड की शक्ति है।  

आज श्री एन राजगोपालको के साथ अन्याय व्स धोखे के साथ समूचा सनातन धर्म है।   तथा मांग है कि  सरकार इस अन्याय, धोखेदड़ी के खिलाफ एक्शन ले  

 यहां बड़े दुःख के साथ यह कहना पड़  रहा है कि  कन्या विवाह , शिक्षा आदि  में योगदान हिंदू मंदिर के  दान से किया जा सकता है परन्तु  सरकारों दवरा  लाखों मंदिर  अधिग्रहित है जिसके दान सरकारी खजाने में जाता है।  बिना अनुमति के यहां का दानदाता सनातनी की  सहायता भी नहीं कर सकता।  खैर सेक्युलर देश में केवल हिन्दू मंदिरों व् उनकी दान की  आय पर  ही सरकारों का कब्जा पर चर्चा क्यों ?  फिर कभी ! 

 

  सोशल  मीडिया ने उपरोक्त इन दो   विवादित  व् एकपक्षीय  कानूनों की पोल खोल कर रख दी है , सर्वोच्च न्यायलय ( सुप्रीम कोर्ट )केंद्र सरकार को  स्वतः संज्ञान  ले इस इसके  विवादित शक्तियों तुरंत  समाप्त/संशोधित करना चाहिए।  

या फिर दो  वरशिप  एक्ट व्  वक्फ एक्ट  कानूनों  को  कृषि कानूनों की तरह  संसद  में बिल लाकर समाप्त नया क़ानून बनाने की दिशा  में पहल करनी चाहिए।     

 जय हिन्द ! जय भारत !

 

 

 

 


ढंडेरा नगर पंचायत (रूड़की)-में जल निकासी की समस्या

योगी   जी के उत्तरप्रदेश की तरह उत्तराखंड   में केंद्र सरकार द्वारा अनेकों   योजना     की   लागू गयी ।     तहसील रूड़की ( हरिद्वार)     ...