23.12.25
MY VIEWS : करोना समय से मेरठ- दिल्ली से बंद पडी पैसेंजर ट्रेनस
करोना समय से मेरठ- दिल्ली से बंद पडी पैसेंजर ट्रेनस
15.11.25
केंद्र सरकार की योजनाओं से ऊपर उठा ग्रामीण जनजीवन
यदि पूर्व की कांग्रेस केंद्र शासित सरकार की ग्रामीण क्षेत्रो में लागू योजनाओं का अध्ययन किया जाए तो उसमें हम मुख्यतः कंट्रोल रेट पर मिलने वाली राशन चीनी व मिट्टी के तेल को रख सकते है।
ऐसे उत्तर जमीन से
कटे नेताओं को न केवल निरुत्तर करते है, वरन अपनी अज्ञानता से हंसी के पात्र बनते है । उन्हें क्या मालूम ग्रामीण परिवेश अब कितना बदल गया है ।
यदि अतीत को याद करें तो ग्रामीण जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सबसे पहली कड़ी अटल सरकार की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना है।
वर्तमान में मोदी
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र की योजनाओं की झड़ी लगाकर ग्रामीण जन स्तर को बहुत ऊंचा उठा दिया है।
हर घर गैस , पानी पाइप लाइन , घरों का मालिकाना हक़ , हर घर में टॉयलेट , किसान सम्मान निधि , जन धन खाते , प्रधानमंत्री सड़क योजना से जुड़ते गावं , राज्यों के सहयोग से किसानों को गन्ना मिलों दवरा समय पर भुगतान , ग्रामीण क्षेत्रो में बिजली की समुचित सप्लाई।
इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में ही रोजगार की उत्पत्ति हुई , उचित बिजली सप्लाई से गांव में फ्रिज व् अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री बढ़ी । जिससे न केवल उद्योंगों ने उन्नति की वरन सरकारों को टैक्स/GST के रूप में अतिरिक्त आय हुई।
प्लम्बर , इलेक्ट्रिसियन , वेल्डर , कारपेंटर , पेंटर , दर्जी , व्हीकल रिपेयर, दुकानों आदि से क्षेत्रीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिलने में सहायता मिली। आदि-आदि
इतना सब होने के
बावजूद अभी भी गांव के रास्ते पर रात के प्रकाश की व्यवस्था न के
बराबर है। केंद्र सरकार को इस दिशा में विशेष पहल करने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार इसमें कम्पनी दवरा खर्च
किया जाने वाला फंड CSR आदि का भी सहारा ले सकती है।
17.10.25
RRTS का हरिद्वार तक विस्तार
उत्तराखंड में हरिद्वार का एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहां तीर्थ स्थल के अतिरिक्त इंडस्ट्रियल एरिया भी है , जिनमें प्रमुख सिडकुल , भगवानपुर, लिबबरेड़ी, लक्सर-खानपुर आदि हैं , जिनका राज्य की अर्थव्यवस्था व् रोजगार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है ।
अभी हाल ही के वर्षो में हरिद्वार आने वालों में देश-विदेश, स्थानीय तीर्थ यात्रियों व् सैर स्पाटे भर्मण वालों की संख्या में तेजी से बढोतरी हुई है जो राज्य में पर्यटन उद्योग व्
क्षेत्रीय रोजगार के लिए एक शुभ संकेत है। इस पर सोने में सुहागा यह कि लोगों के आपस में जुड़ने, आदान-प्रदान से देश की एकता-अखंडता को बल मिल रहा
है।
तीज-त्योहारों के मौकों के अतिरक्त
वीक एन्ड व् सावर्जनिक अवकाश पर ट्रेन , बस
या अन्य सावर्जनिक वाहनों में यात्रियों की भीड़ , नेशनल हाइवे पर निजी वाहनों की भारी संख्या , देख कर हरिद्वार के प्रति लोगों की आस्था का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है। जो भविष्य में और बढ़ेगा।
यात्रियों की संख्या व् सुविधा को देखते हुए, वर्तमान व् भविष्य की स्तिथि
का आंकलन लगाते हुए , अब यह आवश्यक हो गया है कि हरिवार तक दिल्ली -मेरठ
RRTS रुट को विस्तार दिया जाए। इसी बात का आग्रह
मुख्यमंत्री श्री धामी जी ने भी केंद्र सरकार से किया है।
वर्तमान में हरिद्वार नेशनल हाइवे पर पुनः जाम की समस्या होने लगी है, जिसमें मंगलोर कस्बा शामिल है। यहाँ शनिवार व् रविवार को जाम लगना आम बात है। जिससे यहां स्थानीय लोगों का जीवन व् व्यापार पर भी प्रभावित हो रहा है।
केंद्र व् नेशनल हाइवे अथॉरिटी से अनुरोध है कि वो मंगलोर बाईपास या फ्लाईओवर पर तुरन्त विचार करे। ताकि यातायात को
सुगम बनाया जा सके।
जय हिन्द ! जय भारत !
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27.5.25
ट्रेन संख्या 20412 का शाहदरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव
ट्रेन संख्या 20412 का शाहदरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव
4.3.25
I.Tax Site - TDS चालान - लॉगिन एरर
सैलरी , कॉन्ट्रैक्टर्स, Purchase , प्रोफेशनल/टेक्नीकल सर्विसेज, Rent आदि या स्क्रैप सेल पर कटे TDS / TCS को हर संस्थान प्रत्येक माह की 7 तारीख तक ऑन-लाइन या ऑफ लाइन मोड़ में सरकार में जमा करना होता है।
काफी संस्थान सरकारी देनदारी को ऑफ लाइन मोड़ में, जिसमें चेक, RTGS
/NEFT शामिल
है, के दवरा चुकाना उचित समझते है ।
इसके अनेकों कारण
हो सकते है, जैसे- सेफ बैंकिंग व् ऑन लाइन फ्रॉड से
बचने के लिए , हायर ऑटोरिटी की समय पर
अनुलब्धता या समयाभाव, क्रेडिट सुविधा लेने वाले संस्थान के
पास रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की गाइडलाइंस के अनुसार कर्रेंट अकाउंट का न होना ।
पहले संस्थान सरकारी देनदारी की रकम सीमित उपयोग वाले करंट बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर, इन हॉउस ही ऑन लाइन पेमेंट कर देते थे। आदि-आदि ।
खैर ! आइये मूल विषय पर आते
है । TDS /TCS जमा कराने के लिए, सर्वप्रथम इनकम टैक्स साईट पर लॉगिन कर TDS /TCS सेक्शन वाइज चालान
क्रिएट किये जाते है। ऑन लाइन या ऑफ मोड़ का ऑप्शन
बाद में आता है ।
परन्तु पिछले तीन-चार
महीने से लॉगिन/ चालान क्रिएशन में इनकम टैक्स साईट पर लॉगिन में लगातार एरर आ रही है । जैसे- लॉगिन हो जाता है, लॉगिन के तुरंत बाद
एरर शो होती है।
परन्तु जैसे ही हम वापस होम पर करसर क्लिक करते है, तो लॉगिन हो जाता है। इसी प्रकार कभी-कभी
TDS /TCS चालान क्रिएशन विंडो में अससेमेंट ईयर नहीं आता है।
कई बार प्रयास करना पड़ता है । विभाग को इस त्रुटि को दूर करने की दिशा में कदम उठाना
चाहिए।
यहां मेरा उद्देश्य
डिपार्टमेंट को साईट पर यूज़र्स को होने वाली असुविधा की ओर ध्यान आकृष्ट करना मात्र है , कोई अन्यथा नहीं।
जय हिन्द ! जय भारत !
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